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मुफ़्त जन्म कुंडली बनाएं: वैदिक कुंडली कैलकुलेटर
यह कुंडली क्या दिखाती है
कैलकुलेटर सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु को उनकी राशि, अंश, नक्षत्र और चरण के साथ दिखाता है, और यह भी कि वे वक्री हैं या नहीं। जन्म समय देने पर यह आपका लग्न और हर ग्रह का whole-sign भाव भी बताता है, साथ में आज चल रही विंशोत्तरी महादशा और अंतर्दशा।
यह कैसे निकाली जाती है
ग्रहों की स्थितियाँ NASA JPL DE421 पंचांग-गणना (ephemeris) से ली जाती हैं और लाहिरी अयनांश से निरयन राशिचक्र में बदली जाती हैं। भाव whole-sign हैं। राहु और केतु के लिए मध्यम चंद्र-पात (mean node) उपयोग होता है। एक ही जानकारी हमेशा एक ही कुंडली देती है। पूरी विधि और उसकी सीमाएँ कार्यप्रणाली वाले पेज पर हैं।
जन्म समय पता न हो तो
जन्म समय के बिना लग्न और भाव नहीं मिलते। कुंडली आपके जन्म दिन की दोपहर के लिए बनाई जाती है, और जो भी ग्रह उस दिन राशि या नक्षत्र बदलता है (चंद्रमा अक्सर, सूर्य और तेज़ चलने वाले ग्रह कभी-कभी) उसके लिए एक के बजाय दोनों संभावनाएँ दिखाई जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुंडली क्या होती है?
कुंडली वैदिक जन्म चक्र है: आपके जन्म के क्षण और स्थान पर राशिचक्र में ग्रहों का नक्शा।
वैदिक जन्म कुंडली बनाने के लिए क्या चाहिए?
आपकी जन्म तिथि, जन्म स्थान और, बेहतर हो तो, सही जन्म समय। समय के बिना भी ग्रहों की राशियाँ मिलती हैं, पर लग्न और भाव नहीं।
वैदिक और पश्चिमी जन्म कुंडली में क्या अंतर है?
वैदिक कुंडली निरयन राशिचक्र और आमतौर पर whole-sign भाव का उपयोग करती है। पश्चिमी कुंडली सायन राशिचक्र का उपयोग करती है, इसलिए कई ग्रह अलग राशि में दिखते हैं।
क्या यह जन्म कुंडली मुफ़्त है?
हाँ। कैलकुलेटर मुफ़्त है, इसमें साइन-इन नहीं करना पड़ता, और आपका जन्म विवरण सहेजा नहीं जाता।
जन्म तिथि से ऑनलाइन कुंडली कैसे बनाएं?
ऊपर के फ़ॉर्म में अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान भरकर बटन दबाएँ। कुछ ही सेकंड में आपको ग्रहों की राशि, नक्षत्र और भाव, आपका लग्न और अभी चल रही दशा मिल जाती है।
जन्म कुंडली क्या है?
जन्म कुंडली जन्म चक्र का ही हिंदी नाम है। यह आपके जन्म के क्षण और स्थान के लिए बनाई गई कुंडली है।
क्या बिना जन्म समय के कुंडली बन सकती है?
हाँ, कुछ सीमाओं के साथ। आपको चंद्र राशि, जन्म नक्षत्र और वे ग्रह मिलते हैं जिन्होंने उस दिन राशि नहीं बदली, पर लग्न और भाव नहीं मिलते। अगर किसी ग्रह ने आपके जन्म दिन राशि बदली हो, तो दोनों संभावनाएँ दिखाई जाती हैं।
यह वैदिक कुंडली कितनी सटीक है?
ग्रहों की स्थितियाँ NASA JPL DE421 पंचांग-गणना और लाहिरी अयनांश से आती हैं, इसलिए एक ही जानकारी हमेशा एक ही कुंडली देती है। कुंडली को कैसे पढ़ा जाए यह व्याख्या का विषय है; ज्योतिष सोच-विचार का एक नज़रिया है, भविष्यवाणी नहीं।
मेरी कुंडली में दिखाई गई दशा क्या है?
विंशोत्तरी दशा वह ग्रह-काल है जिससे आप गुज़र रहे हैं, जो जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से गिना जाता है। हर काल (महादशा) में छोटे उप-काल (अंतर्दशा) होते हैं; कुंडली आज चल रहे दोनों दिखाती है।
यह कौन-सा अयनांश और भाव पद्धति उपयोग करती है?
लाहिरी अयनांश (भारत सरकार का मानक) और whole-sign भाव, तथा राहु-केतु के लिए मध्यम चंद्र-पात।
और मुफ़्त टूल
Vedic Astro Lab एक AI साथी है, कोई मानव ज्योतिषी नहीं। यहाँ ज्योतिष सोच-विचार का एक नज़रिया है, भविष्यवाणी नहीं। परिणाम NASA JPL DE421 पंचांग-गणना (ephemeris) और लाहिरी अयनांश से निकाले गए हैं; विधि और उसकी सीमाओं के लिए कार्यप्रणाली वाला पेज देखें।