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दिल्ली में आज अभिजित मुहूर्त

शहर या तारीख चुनकर उसका पंचांग देखें: तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, राहुकाल, चौघड़िया और बहुत कुछ।

शहर

दिल्ली

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

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शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्तशुभ
11:42 AM से 12:27 PM (44 मिनट)दिन का मध्य मुहूर्त, स्थानीय दोपहर के आसपास।
ब्रह्म मुहूर्तशुभ
4:56 AM से 5:44 AM (48 मिनट)इस दिन के सूर्योदय से पहले।
राहुकालनई शुरुआत टालें
7:55 AM से 9:18 AM (83 मिनट)
यमगंडनई शुरुआत टालें
10:41 AM से 12:04 PM (83 मिनट)
गुलिक कालनई शुरुआत टालें
1:28 PM से 2:51 PM (83 मिनट)

सूर्योदय के समय पंचांग के पाँच अंग

तिथि
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष)
पूर्णिमा 9:41 AM तक, फिर प्रतिपदा 7:02 AM, 27 अक्टूबर तक
नक्षत्र
अश्विनी
अश्विनी 5:41 PM तक, फिर भरणी 3:39 PM, 27 अक्टूबर तक
योग
वज्र
वज्र 2:16 PM तक, फिर सिद्धि 10:52 AM, 27 अक्टूबर तक
करण
बव
बव 9:41 AM तक, फिर बालव 8:24 PM तक, फिर कौलव 7:02 AM, 27 अक्टूबर तक
वार (दिन)
सोमवार
स्वामी: चंद्र। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।
चंद्र राशि
मेष
मेष 9:06 PM, 27 अक्टूबर तक। सूर्य तुला राशि में है।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

सूर्योदय
6:32 AM
सूर्यास्त
5:37 PM
दिन की लंबाई
11 घंटे 5 मिनट
चंद्रोदय
5:34 PM
चंद्रास्त
6:27 AM
अगला सूर्योदय
6:33 AM, 27 अक्टूबर

चौघड़िया

दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
समयचौघड़ियागुणवत्ता
6:32 AM से 7:55 AMअमृतअनुकूल
7:55 AM से 9:18 AMकालटालें
9:18 AM से 10:41 AMशुभअनुकूल
10:41 AM से 12:04 PMरोगटालें
12:04 PM से 1:28 PMउद्वेगटालें
1:28 PM से 2:51 PMचरसामान्य
2:51 PM से 4:14 PMलाभअनुकूल
4:14 PM से 5:37 PMअमृतअनुकूल
रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
समयचौघड़ियागुणवत्ता
5:37 PM से 7:14 PMचरसामान्य
7:14 PM से 8:51 PMरोगटालें
8:51 PM से 10:28 PMकालटालें
10:28 PM से 12:05 AM, 27 अक्टूबरलाभअनुकूल
12:05 AM से 1:42 AM, 27 अक्टूबरउद्वेगटालें
1:42 AM से 3:19 AM, 27 अक्टूबरशुभअनुकूल
3:19 AM से 4:56 AM, 27 अक्टूबरअमृतअनुकूल
4:56 AM से 6:33 AM, 27 अक्टूबरचरसामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

दिन की होराएँ (सूर्योदय से सूर्यास्त)
समयहोरा स्वामी
6:32 AM से 7:28 AMचंद्र
7:28 AM से 8:23 AMशनि
8:23 AM से 9:18 AMगुरु
9:18 AM से 10:14 AMमंगल
10:14 AM से 11:09 AMसूर्य
11:09 AM से 12:04 PMशुक्र
12:04 PM से 1:00 PMबुध
1:00 PM से 1:55 PMचंद्र
1:55 PM से 2:51 PMशनि
2:51 PM से 3:46 PMगुरु
3:46 PM से 4:41 PMमंगल
4:41 PM से 5:37 PMसूर्य
रात की होराएँ (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
समयहोरा स्वामी
5:37 PM से 6:41 PMशुक्र
6:41 PM से 7:46 PMबुध
7:46 PM से 8:51 PMचंद्र
8:51 PM से 9:55 PMशनि
9:55 PM से 11:00 PMगुरु
11:00 PM से 12:05 AM, 27 अक्टूबरमंगल
12:05 AM से 1:09 AM, 27 अक्टूबरसूर्य
1:09 AM से 2:14 AM, 27 अक्टूबरशुक्र
2:14 AM से 3:19 AM, 27 अक्टूबरबुध
3:19 AM से 4:24 AM, 27 अक्टूबरचंद्र
4:24 AM से 5:28 AM, 27 अक्टूबरशनि
5:28 AM से 6:33 AM, 27 अक्टूबरगुरु

समय दिल्ली का स्थानीय घड़ी समय है; सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से हैं।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:27 PM है, यानी 44 मिनट, जो स्थानीय सूर्य-मध्याह्न के आसपास है। ब्रह्म मुहूर्त 4:56 AM से 5:44 AM है, सूर्योदय (6:32 AM) से पहले। राहुकाल 7:55 AM से 9:18 AM है।

अभिजित मुहूर्त दिन के पंद्रह मुहूर्तों में बीच वाला मुहूर्त है, जो स्थानीय सूर्य-मध्याह्न पर केंद्रित होता है। परंपरा इसे तब कोई काम शुरू करने का शुभ समय मानती है जब कोई और अच्छा समय न मिल रहा हो।

दिल्ली के लिए पंचांग के और समय

दूसरे शहरों में अभिजित मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त क्या है

मुहूर्त दिन का एक विभाजन है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को पंद्रह बराबर मुहूर्तों में बाँटा जाता है, और आठवाँ, यानी बीच वाला, अभिजित है। 12 घंटे के दिन में यह 48 मिनट का होता है और सूर्य के हिसाब से दोपहर के आसपास पड़ता है, जो ज़्यादातर जगहों पर घड़ी के 12:00 बजे नहीं होता।

बहुत से लोग इसे सामान्य शुभ समय की तरह इस्तेमाल करते हैं: जब उस दिन का बाकी पंचांग मददगार न हो, तब यात्रा, नया काम या कोई अनुष्ठान शुरू करने का एक समय। कुछ परंपराएँ इसे बुधवार को नहीं मानतीं।

हर शहर में इसका समय अलग क्यों है

यह सूर्य की स्थिति के साथ चलता है, इसलिए घड़ी का समय इस पर निर्भर करता है कि कोई शहर अपने समय क्षेत्र में कितना पूर्व या पश्चिम में है और ऋतु क्या है। दिल्ली और मुंबई की घड़ी एक है, पर उनका अभिजित मुहूर्त लगभग 17 मिनट के अंतर से शुरू होता है।

ब्रह्म मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त एक अलग समय है: वह मुहूर्त जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले खत्म होता है, यानी सूर्योदय से लगभग 96 से 48 मिनट पहले। परंपरा इसे पढ़ाई, ध्यान और प्रार्थना के लिए मूल्यवान मानती है। हर शहर के पन्ने पर यह अभिजित मुहूर्त के साथ दिखाया गया है।

दिल्ली के समय के बारे में

दिल्ली भारतीय मानक समय के याम्योत्तर (82.5 डिग्री पूर्व) से लगभग 5 डिग्री पश्चिम में है, इसलिए स्थानीय सूर्य-मध्याह्न घड़ी के हिसाब से 12:00 बजे के करीब 21 मिनट बाद आता है; यहाँ के समय दिल्ली के लिए ही निकाले गए हैं, राष्ट्रीय घड़ी के लिए नहीं।

ये समय कैसे निकाले गए हैं

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से आते हैं; जहाँ वह उपलब्ध नहीं होता वहाँ हमारा अपना इंजन इन्हें निकालता है, जो उससे एक सेकंड के अंश तक मेल खाता है। हर तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब खत्म होता है, यह वही इंजन सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (NASA JPL DE421 ephemeris) से निकालता है, निरयन राशिचक्र और लाहिड़ी अयनांश में। राहुकाल, चौघड़िया, होरा, अभिजित मुहूर्त और बाकी अवधियाँ सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए दिन के तय अंश हैं।

पंचांग सूर्योदय की परिभाषा अलग-अलग रखते हैं। यहाँ सूर्य तब उगता है जब उसके बिंब का केंद्र क्षितिज पर होता है, वायुमंडलीय अपवर्तन को गिने बिना। जो पंचांग सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन को लेते हैं, वे सूर्योदय कुछ मिनट पहले और सूर्यास्त कुछ मिनट बाद दिखाते हैं, और उनके राहुकाल और बाकी अवधियाँ भी उसी के साथ खिसकती हैं। किसी अनुष्ठान के लिए वही पंचांग देखें जो आपके पुरोहित या स्थानीय मंदिर में चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज दिल्ली में अभिजित मुहूर्त कब है?

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में अभिजित मुहूर्त 11:42 AM से 12:27 PM है।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है, यानी दिन के बीच का, स्थानीय दोपहर के आसपास का मुहूर्त। परंपरा इसे कुछ शुरू करने के लिए शुभ समय मानती है।

अभिजित मुहूर्त कितनी देर का होता है?

दिन के समय का पंद्रहवाँ भाग, यानी 12 घंटे के दिन में लगभग 48 मिनट; जब दिन लंबे हों तब थोड़ा ज़्यादा और जब छोटे हों तब थोड़ा कम।

क्या अभिजित मुहूर्त ठीक 12 बजे दोपहर होता है?

आम तौर पर नहीं। यह सूर्य-मध्याह्न पर केंद्रित है, जो उस जगह के देशांतर और साल के समय पर निर्भर करता है, इसलिए घड़ी में यह शायद ही ठीक 12:00 बजे होता है।

क्या अभिजित मुहूर्त हर दिन शुभ है?

इसे सामान्यतः शुभ माना जाता है, हालाँकि कुछ परंपराएँ इसे बुधवार को नहीं मानतीं। यह समय चुनने की रीति है, भविष्यवाणी नहीं।

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू पंचांग-पत्रिका है। यह हर दिन के पाँच अंग बताता है: तिथि (चंद्र दिन), वार, नक्षत्र, योग और करण, और साथ में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के समय जैसे राहुकाल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

किसी भी क्षण चंद्रमा की स्थिति हर जगह एक ही होती है, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और हर समय-अवधि स्थानीय दिन का अंश है, इसलिए घड़ी का समय शहरों में अलग होता है।

और मुफ़्त टूल

Vedic Astro Lab एक AI साथी है, कोई मानव ज्योतिषी नहीं। पंचांग के समय समय चुनने के पारंपरिक तरीके हैं, भविष्यवाणी नहीं, और यहाँ दिए गए समय चुनी हुई जगह और तारीख के लिए निकाले गए हैं। किसी अनुष्ठान के लिए अपने पुरोहित या मंदिर का पंचांग देखें।