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लंदन में आज का पंचांग
शहर या तारीख चुनकर उसका पंचांग देखें: तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, राहुकाल, चौघड़िया और बहुत कुछ।
शहर
लंदन
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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सूर्योदय के समय पंचांग के पाँच अंग
- तिथि
- प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष)
- प्रतिपदा 1:32 AM, 27 अक्टूबर तक, फिर द्वितीया 10:37 PM, 27 अक्टूबर तक
- नक्षत्र
- अश्विनी
- अश्विनी 12:11 PM तक, फिर भरणी 10:09 AM, 27 अक्टूबर तक
- योग
- वज्र
- वज्र 8:46 AM तक, फिर सिद्धि 5:22 AM, 27 अक्टूबर तक, फिर व्यतीपात 1:48 AM, 28 अक्टूबर तक
- करण
- बालव
- बालव 2:54 PM तक, फिर कौलव 1:32 AM, 27 अक्टूबर तक, फिर तैतिल 12:06 PM, 27 अक्टूबर तक
- वार (दिन)
- सोमवार
- स्वामी: चंद्र। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।
- चंद्र राशि
- मेष
- मेष 3:36 PM, 27 अक्टूबर तक। सूर्य तुला राशि में है।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त
- सूर्योदय
- 6:49 AM
- सूर्यास्त
- 4:39 PM
- दिन की लंबाई
- 9 घंटे 50 मिनट
- चंद्रोदय
- 4:20 PM
- चंद्रास्त
- 7:16 AM
- अगला सूर्योदय
- 6:50 AM, 27 अक्टूबर
शुभ और अशुभ समय
- राहुकालनई शुरुआत टालें
- 8:02 AM से 9:16 AM (74 मिनट)
- यमगंडनई शुरुआत टालें
- 10:30 AM से 11:44 AM (74 मिनट)
- गुलिक कालनई शुरुआत टालें
- 12:57 PM से 2:11 PM (74 मिनट)
- अभिजित मुहूर्तशुभ
- 11:24 AM से 12:03 PM (39 मिनट)दिन का मध्य मुहूर्त, स्थानीय दोपहर के आसपास।
- ब्रह्म मुहूर्तशुभ
- 5:12 AM से 6:01 AM (48 मिनट)इस दिन के सूर्योदय से पहले।
चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | गुणवत्ता |
|---|---|---|
| 6:49 AM से 8:02 AM | अमृत | अनुकूल |
| 8:02 AM से 9:16 AM | काल | टालें |
| 9:16 AM से 10:30 AM | शुभ | अनुकूल |
| 10:30 AM से 11:44 AM | रोग | टालें |
| 11:44 AM से 12:57 PM | उद्वेग | टालें |
| 12:57 PM से 2:11 PM | चर | सामान्य |
| 2:11 PM से 3:25 PM | लाभ | अनुकूल |
| 3:25 PM से 4:39 PM | अमृत | अनुकूल |
| समय | चौघड़िया | गुणवत्ता |
|---|---|---|
| 4:39 PM से 6:25 PM | चर | सामान्य |
| 6:25 PM से 8:12 PM | रोग | टालें |
| 8:12 PM से 9:58 PM | काल | टालें |
| 9:58 PM से 11:44 PM | लाभ | अनुकूल |
| 11:44 PM से 1:31 AM, 27 अक्टूबर | उद्वेग | टालें |
| 1:31 AM से 3:17 AM, 27 अक्टूबर | शुभ | अनुकूल |
| 3:17 AM से 5:04 AM, 27 अक्टूबर | अमृत | अनुकूल |
| 5:04 AM से 6:50 AM, 27 अक्टूबर | चर | सामान्य |
होरा (ग्रहों के घंटे)
| समय | होरा स्वामी |
|---|---|
| 6:49 AM से 7:38 AM | चंद्र |
| 7:38 AM से 8:27 AM | शनि |
| 8:27 AM से 9:16 AM | गुरु |
| 9:16 AM से 10:05 AM | मंगल |
| 10:05 AM से 10:54 AM | सूर्य |
| 10:54 AM से 11:44 AM | शुक्र |
| 11:44 AM से 12:33 PM | बुध |
| 12:33 PM से 1:22 PM | चंद्र |
| 1:22 PM से 2:11 PM | शनि |
| 2:11 PM से 3:00 PM | गुरु |
| 3:00 PM से 3:49 PM | मंगल |
| 3:49 PM से 4:39 PM | सूर्य |
| समय | होरा स्वामी |
|---|---|
| 4:39 PM से 5:50 PM | शुक्र |
| 5:50 PM से 7:01 PM | बुध |
| 7:01 PM से 8:12 PM | चंद्र |
| 8:12 PM से 9:23 PM | शनि |
| 9:23 PM से 10:34 PM | गुरु |
| 10:34 PM से 11:44 PM | मंगल |
| 11:44 PM से 12:55 AM, 27 अक्टूबर | सूर्य |
| 12:55 AM से 2:06 AM, 27 अक्टूबर | शुक्र |
| 2:06 AM से 3:17 AM, 27 अक्टूबर | बुध |
| 3:17 AM से 4:28 AM, 27 अक्टूबर | चंद्र |
| 4:28 AM से 5:39 AM, 27 अक्टूबर | शनि |
| 5:39 AM से 6:50 AM, 27 अक्टूबर | गुरु |
समय लंदन का स्थानीय घड़ी समय है; सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से हैं।
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) है, प्रतिपदा 1:32 AM, 27 अक्टूबर तक, फिर द्वितीया 10:37 PM, 27 अक्टूबर तक। नक्षत्र अश्विनी 12:11 PM तक, फिर भरणी 10:09 AM, 27 अक्टूबर तक। सूर्योदय 6:49 AM और सूर्यास्त 4:39 PM पर है। राहुकाल 8:02 AM से 9:16 AM और अभिजित मुहूर्त 11:24 AM से 12:03 PM है।
आज के नक्षत्र के बारे में पढ़ें: अश्विनी।
लंदन के लिए पंचांग के और समय
- लंदन में राहुकालराहुकाल रोज़ का लगभग डेढ़ घंटे का वह समय है जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के दिन का आठवाँ भाग होता है, और जिसे पंचांग की परंपरा छाया ग्रह राहु के नाम से जोड़ती है।
- लंदन में चौघड़ियाचौघड़िया दिन को और फिर रात को आठ बराबर भागों में बाँटता है, और हर भाग को सात नामों में से एक मिलता है जो बताता है कि वह समय कुछ शुरू करने के लिए अनुकूल, सामान्य या टालने योग्य है।
- लंदन में होराहोरा ग्रहों का एक घंटा है।
- लंदन में अभिजित मुहूर्तअभिजित मुहूर्त दिन के पंद्रह मुहूर्तों में बीच वाला मुहूर्त है, जो स्थानीय सूर्य-मध्याह्न पर केंद्रित होता है।
शहर के अनुसार पंचांग
भारत
पंचांग (Panchang) क्या है
पंचांग का अर्थ है पाँच अंग: हिंदू पंचांग हर दिन के लिए ये पाँच बातें बताता है। ये हैं तिथि (चंद्र दिन), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा जिस तारा-समूह में है), योग (सूर्य और चंद्र को मिलाकर निकाला जाने वाला एक माप) और करण (आधी तिथि)। इनके साथ पंचांग सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के समय बताता है, जैसे राहुकाल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त।
इसका उपयोग अनुष्ठानों, यात्राओं और नई शुरुआतों के लिए दिन और समय चुनने में होता है, और यह जानने में कि कौन-सा त्योहार या व्रत किस तारीख को पड़ेगा।
पाँच अंग
तिथि: चंद्रमा हर तिथि में सूर्य से 12 डिग्री आगे बढ़ता है, इसलिए चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं। अमावस्या के बाद की 15 तिथियाँ शुक्ल पक्ष हैं, जो पूर्णिमा पर खत्म होता है; अगली 15 कृष्ण पक्ष हैं, जो अमावस्या पर खत्म होता है। एक तिथि लगभग 19 से 26 घंटे चलती है, इसलिए वह दिन के किसी भी समय शुरू और खत्म हो सकती है।
वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में दिन सूर्योदय से शुरू होता है, आधी रात से नहीं।
नक्षत्र: चंद्रमा 27 नक्षत्रों से गुज़रता है, हर एक राशिचक्र का 13 डिग्री 20 मिनट, और हर नक्षत्र में लगभग एक दिन रहता है।
योग: सूर्य और चंद्र के देशांतरों का जोड़, जिसे 13 डिग्री 20 मिनट के 27 भागों में बाँटा गया है। विष्कुंभ से वैधृति तक 27 योग हैं।
करण: आधी तिथि, इसलिए चंद्र मास में 60, और 11 नामों से: सात जो दोहराते हैं और चार जो महीने में एक बार आते हैं।
तारीख और समय हर जगह अलग क्यों होते हैं
किसी भी क्षण चंद्रमा की स्थिति सबके लिए एक ही होती है, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और हर अवधि स्थानीय दिन का एक अंश है, इसलिए घड़ी के समय, और कभी-कभी सूर्योदय पर कौन-सी तिथि चल रही है, यह भी, आप कहाँ हैं इस पर निर्भर करता है। उस जगह का पंचांग देखें जहाँ आप हैं, या जहाँ अनुष्ठान होगा।
ये समय कैसे निकाले गए हैं
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से आते हैं; जहाँ वह उपलब्ध नहीं होता वहाँ हमारा अपना इंजन इन्हें निकालता है, जो उससे एक सेकंड के अंश तक मेल खाता है। हर तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब खत्म होता है, यह वही इंजन सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (NASA JPL DE421 ephemeris) से निकालता है, निरयन राशिचक्र और लाहिड़ी अयनांश में। राहुकाल, चौघड़िया, होरा, अभिजित मुहूर्त और बाकी अवधियाँ सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए दिन के तय अंश हैं।
पंचांग सूर्योदय की परिभाषा अलग-अलग रखते हैं। यहाँ सूर्य तब उगता है जब उसके बिंब का केंद्र क्षितिज पर होता है, वायुमंडलीय अपवर्तन को गिने बिना। जो पंचांग सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन को लेते हैं, वे सूर्योदय कुछ मिनट पहले और सूर्यास्त कुछ मिनट बाद दिखाते हैं, और उनके राहुकाल और बाकी अवधियाँ भी उसी के साथ खिसकती हैं। किसी अनुष्ठान के लिए वही पंचांग देखें जो आपके पुरोहित या स्थानीय मंदिर में चलता है।
लंदन के समय के बारे में
लंदन काफ़ी उत्तर में है, इसलिए यहाँ गर्मियों के दिन बहुत लंबे और सर्दियों के छोटे होते हैं, जिससे पंचांग की हर अवधि खिंचती और सिकुड़ती है; यहाँ घड़ियाँ मार्च और अक्टूबर में बदली भी जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आज लंदन में तिथि क्या है?
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय के समय तिथि प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) है, प्रतिपदा 1:32 AM, 27 अक्टूबर तक, फिर द्वितीया 10:37 PM, 27 अक्टूबर तक।
आज लंदन में राहुकाल कब है?
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को लंदन में राहुकाल 8:02 AM से 9:16 AM है।
आज लंदन में नक्षत्र कौन-सा है?
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा अश्विनी 12:11 PM तक, फिर भरणी 10:09 AM, 27 अक्टूबर तक।
आज लंदन में सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को लंदन में सूर्योदय 6:49 AM और सूर्यास्त 4:39 PM पर है, यानी 9 घंटे 50 मिनट का दिन।
पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू पंचांग-पत्रिका है। यह हर दिन के पाँच अंग बताता है: तिथि (चंद्र दिन), वार, नक्षत्र, योग और करण, और साथ में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के समय जैसे राहुकाल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त।
पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?
किसी भी क्षण चंद्रमा की स्थिति हर जगह एक ही होती है, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और हर समय-अवधि स्थानीय दिन का अंश है, इसलिए घड़ी का समय शहरों में अलग होता है।
यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारत में वैदिक ज्योतिष का मानक है।
दूसरे पंचांग में थोड़े अलग समय क्यों दिखते हैं?
पंचांग सूर्योदय की परिभाषा अलग रखते हैं। यहाँ सूर्योदय तब माना जाता है जब सूर्य का केंद्र क्षितिज पर हो, अपवर्तन गिने बिना, इसलिए सूर्योदय उन पंचांगों से कुछ मिनट बाद होता है जो सूर्य का ऊपरी किनारा लेते हैं। किसी अनुष्ठान के लिए वही पंचांग देखें जो आपके पुरोहित या स्थानीय मंदिर में चलता है।
और मुफ़्त टूल
Vedic Astro Lab एक AI साथी है, कोई मानव ज्योतिषी नहीं। पंचांग के समय समय चुनने के पारंपरिक तरीके हैं, भविष्यवाणी नहीं, और यहाँ दिए गए समय चुनी हुई जगह और तारीख के लिए निकाले गए हैं। किसी अनुष्ठान के लिए अपने पुरोहित या मंदिर का पंचांग देखें।