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कोच्चि में आज चौघड़िया

शहर या तारीख चुनकर उसका पंचांग देखें: तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, राहुकाल, चौघड़िया और बहुत कुछ।

शहर

कोच्चि

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

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चौघड़िया

दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
समयचौघड़ियागुणवत्ता
6:17 AM से 7:45 AMअमृतअनुकूल
7:45 AM से 9:13 AMकालटालें
9:13 AM से 10:41 AMशुभअनुकूल
10:41 AM से 12:08 PMरोगटालें
12:08 PM से 1:36 PMउद्वेगटालें
1:36 PM से 3:04 PMचरसामान्य
3:04 PM से 4:32 PMलाभअनुकूल
4:32 PM से 5:59 PMअमृतअनुकूल
रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
समयचौघड़ियागुणवत्ता
5:59 PM से 7:32 PMचरसामान्य
7:32 PM से 9:04 PMरोगटालें
9:04 PM से 10:36 PMकालटालें
10:36 PM से 12:08 AM, 27 अक्टूबरलाभअनुकूल
12:08 AM से 1:41 AM, 27 अक्टूबरउद्वेगटालें
1:41 AM से 3:13 AM, 27 अक्टूबरशुभअनुकूल
3:13 AM से 4:45 AM, 27 अक्टूबरअमृतअनुकूल
4:45 AM से 6:17 AM, 27 अक्टूबरचरसामान्य

सूर्योदय के समय पंचांग के पाँच अंग

तिथि
पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष)
पूर्णिमा 9:41 AM तक, फिर प्रतिपदा 7:02 AM, 27 अक्टूबर तक
नक्षत्र
अश्विनी
अश्विनी 5:41 PM तक, फिर भरणी 3:39 PM, 27 अक्टूबर तक
योग
वज्र
वज्र 2:16 PM तक, फिर सिद्धि 10:52 AM, 27 अक्टूबर तक
करण
बव
बव 9:41 AM तक, फिर बालव 8:24 PM तक, फिर कौलव 7:02 AM, 27 अक्टूबर तक
वार (दिन)
सोमवार
स्वामी: चंद्र। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।
चंद्र राशि
मेष
मेष 9:06 PM, 27 अक्टूबर तक। सूर्य तुला राशि में है।

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

सूर्योदय
6:17 AM
सूर्यास्त
5:59 PM
दिन की लंबाई
11 घंटे 42 मिनट
चंद्रोदय
6:07 PM
चंद्रास्त
6:05 AM
अगला सूर्योदय
6:17 AM, 27 अक्टूबर

शुभ और अशुभ समय

राहुकालनई शुरुआत टालें
7:45 AM से 9:13 AM (88 मिनट)
यमगंडनई शुरुआत टालें
10:41 AM से 12:08 PM (88 मिनट)
गुलिक कालनई शुरुआत टालें
1:36 PM से 3:04 PM (88 मिनट)
अभिजित मुहूर्तशुभ
11:45 AM से 12:32 PM (47 मिनट)दिन का मध्य मुहूर्त, स्थानीय दोपहर के आसपास।
ब्रह्म मुहूर्तशुभ
4:41 AM से 5:29 AM (48 मिनट)इस दिन के सूर्योदय से पहले।

होरा (ग्रहों के घंटे)

दिन की होराएँ (सूर्योदय से सूर्यास्त)
समयहोरा स्वामी
6:17 AM से 7:16 AMचंद्र
7:16 AM से 8:14 AMशनि
8:14 AM से 9:13 AMगुरु
9:13 AM से 10:11 AMमंगल
10:11 AM से 11:10 AMसूर्य
11:10 AM से 12:08 PMशुक्र
12:08 PM से 1:07 PMबुध
1:07 PM से 2:05 PMचंद्र
2:05 PM से 3:04 PMशनि
3:04 PM से 4:02 PMगुरु
4:02 PM से 5:01 PMमंगल
5:01 PM से 5:59 PMसूर्य
रात की होराएँ (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
समयहोरा स्वामी
5:59 PM से 7:01 PMशुक्र
7:01 PM से 8:02 PMबुध
8:02 PM से 9:04 PMचंद्र
9:04 PM से 10:05 PMशनि
10:05 PM से 11:07 PMगुरु
11:07 PM से 12:08 AM, 27 अक्टूबरमंगल
12:08 AM से 1:10 AM, 27 अक्टूबरसूर्य
1:10 AM से 2:11 AM, 27 अक्टूबरशुक्र
2:11 AM से 3:13 AM, 27 अक्टूबरबुध
3:13 AM से 4:14 AM, 27 अक्टूबरचंद्र
4:14 AM से 5:16 AM, 27 अक्टूबरशनि
5:16 AM से 6:17 AM, 27 अक्टूबरगुरु

समय कोच्चि का स्थानीय घड़ी समय है; सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से हैं।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कोच्चि में दिन का चौघड़िया सूर्योदय (6:17 AM) पर अमृत से शुरू होता है। दिन के अनुकूल चौघड़िये: अमृत (6:17 AM से 7:45 AM), शुभ (9:13 AM से 10:41 AM), लाभ (3:04 PM से 4:32 PM), अमृत (4:32 PM से 5:59 PM)। नई शुरुआत के लिए टालने योग्य: काल (7:45 AM से 9:13 AM), रोग (10:41 AM से 12:08 PM), उद्वेग (12:08 PM से 1:36 PM)। रात का चौघड़िया सूर्यास्त (5:59 PM) पर चर से शुरू होता है।

चौघड़िया दिन को और फिर रात को आठ बराबर भागों में बाँटता है, और हर भाग को सात नामों में से एक मिलता है जो बताता है कि वह समय कुछ शुरू करने के लिए अनुकूल, सामान्य या टालने योग्य है। गुजरात और पश्चिम भारत में रोज़ के कामों का समय तय करने के लिए इसका खूब इस्तेमाल होता है।

कोच्चि के लिए पंचांग के और समय

दूसरे शहरों में चौघड़िया

सात चौघड़िये

अमृत सबसे अनुकूल माना जाता है। शुभ और लाभ भी अनुकूल हैं, लाभ खासकर व्यापार के लिए। चर सामान्य है, और आम तौर पर यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग (बेचैनी), काल (समय, या मृत्यु) और रोग (बीमारी) वे तीन हैं जिन्हें परंपरा नई शुरुआत के लिए टालने को कहती है।

दिन कैसे बाँटा जाता है

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात आठ और में। दिन का पहला चौघड़िया वार के अपने नाम से शुरू होता है: रविवार को उद्वेग, सोमवार को अमृत, मंगलवार को रोग, बुधवार को लाभ, गुरुवार को शुभ, शुक्रवार को चर और शनिवार को काल। इसके बाद के नाम एक तय क्रम में आते हैं। रात का क्रम अलग तय क्रम है, जो हर वार में अलग नाम से शुरू होता है।

ये भाग असली दिन और रात के अंश हैं, इसलिए 12 घंटे के दिन में हर चौघड़िया लगभग 90 मिनट का होता है, पर दूसरे दिनों में छोटा-बड़ा हो सकता है, और समय हर शहर में अलग होते हैं।

चौघड़िया का उपयोग

जब किसी ज़रूरी काम के लिए समय चुनने की छूट हो, तो बहुत से लोग अमृत, शुभ या लाभ का समय खोजते हैं और उद्वेग, काल या रोग में उसे शुरू करने से बचते हैं। जब समय आपके हाथ में न हो, तब परंपरा टालने को नहीं कहती। इसे चुनाव की सुविधा की तरह लें, भविष्यवाणी की तरह नहीं।

कोच्चि के समय के बारे में

कोच्चि सुदूर दक्षिण में है, इसलिए यहाँ साल के बड़े हिस्से में दोपहर को सूर्य ऊँचा रहता है और दिन की लंबाई बहुत कम बदलती है; स्थानीय सूर्य-मध्याह्न घड़ी के हिसाब से 12:00 बजे के करीब 25 मिनट बाद आता है।

ये समय कैसे निकाले गए हैं

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त नवांश (Navamsha) ज्योतिष API से आते हैं; जहाँ वह उपलब्ध नहीं होता वहाँ हमारा अपना इंजन इन्हें निकालता है, जो उससे एक सेकंड के अंश तक मेल खाता है। हर तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब खत्म होता है, यह वही इंजन सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (NASA JPL DE421 ephemeris) से निकालता है, निरयन राशिचक्र और लाहिड़ी अयनांश में। राहुकाल, चौघड़िया, होरा, अभिजित मुहूर्त और बाकी अवधियाँ सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए दिन के तय अंश हैं।

पंचांग सूर्योदय की परिभाषा अलग-अलग रखते हैं। यहाँ सूर्य तब उगता है जब उसके बिंब का केंद्र क्षितिज पर होता है, वायुमंडलीय अपवर्तन को गिने बिना। जो पंचांग सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन को लेते हैं, वे सूर्योदय कुछ मिनट पहले और सूर्यास्त कुछ मिनट बाद दिखाते हैं, और उनके राहुकाल और बाकी अवधियाँ भी उसी के साथ खिसकती हैं। किसी अनुष्ठान के लिए वही पंचांग देखें जो आपके पुरोहित या स्थानीय मंदिर में चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज कोच्चि में कौन-सा चौघड़िया शुभ है?

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कोच्चि में दिन के अनुकूल चौघड़िये अमृत 6:17 AM से 7:45 AM, शुभ 9:13 AM से 10:41 AM, लाभ 3:04 PM से 4:32 PM, अमृत 4:32 PM से 5:59 PM हैं।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटता है, और हर भाग का नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग रखता है, जिससे पता चलता है कि वह समय कुछ शुरू करने के लिए अनुकूल, सामान्य या टालने योग्य है।

सबसे अच्छा चौघड़िया कौन-सा है?

अमृत को सबसे अनुकूल माना जाता है, उसके बाद शुभ और लाभ। चर सामान्य है, और यात्रा के लिए अच्छा। नई शुरुआत के लिए उद्वेग, काल और रोग को टालने को कहा जाता है।

क्या पूरे भारत में चौघड़िया एक जैसा है?

नाम और उनका क्रम एक ही हैं, पर अवधियाँ स्थानीय दिन के अंश हैं, इसलिए घड़ी का समय हर शहर में अलग होता है और रोज़ बदलता है।

क्या चौघड़िया कोई भविष्यवाणी करता है?

नहीं। यह समय चुनने का एक पारंपरिक तरीका है। यह नहीं बताता कि आगे क्या होगा।

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू पंचांग-पत्रिका है। यह हर दिन के पाँच अंग बताता है: तिथि (चंद्र दिन), वार, नक्षत्र, योग और करण, और साथ में सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन के समय जैसे राहुकाल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

किसी भी क्षण चंद्रमा की स्थिति हर जगह एक ही होती है, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और हर समय-अवधि स्थानीय दिन का अंश है, इसलिए घड़ी का समय शहरों में अलग होता है।

और मुफ़्त टूल

Vedic Astro Lab एक AI साथी है, कोई मानव ज्योतिषी नहीं। पंचांग के समय समय चुनने के पारंपरिक तरीके हैं, भविष्यवाणी नहीं, और यहाँ दिए गए समय चुनी हुई जगह और तारीख के लिए निकाले गए हैं। किसी अनुष्ठान के लिए अपने पुरोहित या मंदिर का पंचांग देखें।